Monday, 25 September 2017

न्यूटन जैसी फ़िल्में उर्जा देती हैं


न्यूटन' पर जो प्रतिक्रियाएं पढ़ने-सुनने को मिल रही थीं, उन प्रतिक्रियायों ने मुझे समय निकालकर सिनेमा हॉल तक जाने के लिए मजबूर किया। इस समय जिस तरह की विकट परिस्थितियों का हमें सामना करना पड़ रहा है, उसमें ‘न्यूटन’ जैसी फिल्मों से हम उर्जा हासिल कर सकते हैं। 
अमित मसुरकर निर्देशित इस फिल्म के विभिन्न पक्षों पर अलग-अलग चर्चा करने का अभी अवकाश नहीं है, और इससे वैसे भी जिन लोगों ने फिल्म नहीं देखी है उनके प्रति मैं अन्याय ही करुँगी। लेकिन इतना ज़रूर कह सकती हूँ कि यह फिल्म स्पष्ट रूप से यह बताती है कि ईमानदारी अहंकार का विषय नहीं है, बल्कि इसे तो मनुष्य का सहज स्वाभाविक गुण होना ही चाहिए। इसी तरह यह भी कि बिना बदले कुछ भी नहीं बदलता!