Tuesday, 9 May 2017

बाहुबली 2


यह कहना कि बाहुबली बकवास फिल्म है, कोई नयी बात नहीं होगी। लेकिन जिस ग्राफिक इफैक्ट्स, भव्यता, दृश्य संयोजन, और निर्देशन कौशल के लिए इसकी तारीफ की जा रही है, मुझे वह सब भी पसंद नहीं आया। मेरे खयाल से बाहुबली ने यह साबित किया कि नकली दृश्यों में असली सा प्रभाव पैदा कर पाने में भारतीय फिल्में अभी भी बहुत पीछे हैं!
हां इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि इस फिल्म के पीछे बहुत श्रम और संसाधन खर्च हुए हैं। लेकिन जो आंकड़े आ रहे हैं, उससे यही लगता है कि निर्माताओं को भारतीय दर्शकों की जेब से अपनी लागत से कई गुना अधिक हासिल हो चुका है। अभी और भी लाभ कमाना शेष है। यह अलग बात है कि फिल्म के पीछे के असल श्रमिकों तक इस तरह के लाभ का हिस्सा कभी नहीं पहुँचता!

No comments:

Post a Comment